डॉ मेला (धार के विपरीत)
*60 वर्ष शासन करने वाली कांग्रेस को*
जनता ने बाइज्जत नकार दिया।
केदारनाथ की तरह कुछ घटनाओं ने,
उनकी तथाकथित अकर्मण्यता, काबिलियत की कमी,
निर्णय क्षमता का अभाव आदि के चलते ,
*जनता ने उनके अस्तित्व को संज्ञा शून्य करते हुए.... नेस्तनाबूद कर दिया ।*
कांग्रेस एक 'इतिहास का रूप' धारण कर चुकी है !
*जितने लोग प्राकृतिक आपदा के चलते केदारनाथ में मारे गए थे।*
उससे ज्यादा गुजरात दंगों में इरादा बना कर मार दिए गए!
आज उसका जिक्र करने वालों का अभाव है ।
*कोरोना काल में कितने मर गए ?*
चिकित्सा से ज्यादा,
मौत के आंकड़ों को छुपाने पर मेहनत की जा रही है।
*कांग्रेस की कमियां, आपकी हर समस्या का जवाब नहीं है* !
इसका जवाब है .....
वर्तमान सरकार की कमजोरियां और स्वार्थपरता ।
सत्ता हासिल करने के लिए बंगाल की दौड़ ।
*सोनार हिंदुस्तान नहीं, बल्कि सोनार बांग्ला।*
नोटबंदी, बैंकों की टूटी कमर, रोजगार का अभाव,
कमरतोड़ महंगाई, भीषण बेरोजगारी मंदी निजीकरण और छंटनी के साथ....
*वादे और जुमले के बीच फंसी, अच्छे दिन के तलाश में भटकती मासूम जनता,*
इसकी गणना कोई राष्ट्र प्रेमी ,
विशेष जानकार ही कर सकता है!
जनता जिस कांग्रेस को दर हाशिए पर ले जाकर छोड़ सकती है,
*वह किसी स्वप्नलोक में विचरण करने वाली सरकार को कितना दिन बर्दाश्त करेगी?*
दो करोड़ रोजगार प्रतिवर्ष,
सीमा विवाद का अंत,
आतंकवाद का खात्मा ,
*कोरोना की जंग हमने जीत ली है के मनपसंद वादे*........
की हकीकत कितनी सच और खतरनाक है ।
महानायक का आईटी सेल भी जानता है।
😔🤔😥
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*गढ़े नकली ज़ेवर, दिखाने लगा है।*
*नए किस्से फिर से, सुनानें लगा है।।*
*कबीले में मेरे ,बहुत काला धन है।*
*भिखारी भी तेवर, दिखाने लगा है।।*
व्यक्ति और पार्टी प्रेम से बाहर निकलकर ,
*लोकहित में ठहरें और विचार करें।*
कोरोना संकट से मोर्चा लेना जरूरी है,
कि मुसलमान, पाकिस्तान, संपूर्ण विपक्ष, कांग्रेस, सोनिया, मनमोहन नेहरू जिन्ना, कांग्रेस करके....
*अपनी पीठ की लगी धूल को झाड़ने का वक्त है*?
*डॉक्टर मेला*
( धार के विपरीत )
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